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नई दिल्ली · Amar Ujala

जामिया प्रशासन का बड़ा आरोप: दो विभागों की इमारतों पर बाहरी लोगों ने किया कब्जा, शिक्षकों ने जताई नाराजगी

27 Oct 2026, 12:27 am

जामिया प्रशासन का बड़ा आरोप: दो विभागों की इमारतों पर बाहरी लोगों ने किया कब्जा, शिक्षकों ने जताई नाराजगी
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जामिया प्रशासन का बड़ा आरोप: दो विभागों की इमारतों पर बाहरी लोगों ने किया कब्जा, शिक्षकों ने जताई नाराजगी

Tue, 27 Oct 2026 05:57 PM IST


Akash Dubey

ललित कौशिक, नई दिल्ली

ललित कौशिक, नई दिल्ली
Published by: Akash Dubey

Updated Tue, 27 Oct 2026 05:57 PM IST

सार

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ बहाली विवाद पर शिक्षकों ने राजनीतिक हस्तक्षेप और बाहरी गतिविधियों पर नाराजगी जताई है। 24 अक्तूबर से राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों पर ताला लगा है। प्रशासन छात्रों की मांगों पर बातचीत कर रहा है। 

Jamia administration alleges Outsiders have occupied buildings belonging to two departments

जामिया
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ बहाली को लेकर जारी विवाद के बीच जामिया के शिक्षकों ने राजनीतिक हस्तक्षेप और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नाराजगी जताई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि जामिया के आंतरिक मामले को राजनीतिक रंग देकर परिसर का माहौल बिगाड़ने और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है। वहीं जामिया के बाहर के लोगों ने 24 अक्तूबर से राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारत पर कब्जा कर ताला लगा दिया है।

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जामिया प्रशासन के अनुसार प्रशासन प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर बातचीत कर रहा है। छात्र संघ की बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर जामिया कुलपति प्रो. मजहर आसिफ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कैंपस की स्थिति, ऑनलाइन कक्षाओं और छात्रों की मांगों पर चर्चा की गई। जामिया शिक्षकों के अनुसार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ को 2006 में हिंसक घटनाओं और शिक्षकों पर हमलों के बाद भंग कर दिया गया था। उनका कहना है कि मौजूदा प्रशासन ने दो दशक बाद इस मुद्दे के समाधान की दिशा में पहल की है। 21 अक्तूबर को गठित संविधान मसौदा समिति को अदालती आदेशों, लिंगदोह समिति की सिफारिशों और जामिया के नियमों के अनुरूप मसौदा तैयार करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

परिसर में सांसदों के प्रवेश को लेकर उठाए सवाल

शिक्षकों ने कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद के परिसर में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार प्रशासन ने इस संबंध में 25 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज कराई। जामिया प्रशासन के अनुसार इमरान प्रतापगढ़ी 21 अक्तूबर को गेट नंबर 4ए का ताला तोड़कर परिसर में दाखिल हुए। जबकि इमरान मसूद 23 अक्तूबर को गफूर नगर के पास सीढ़ी के सहारे दीवार फांदकर अंदर आए। शिक्षकों ने समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को परिसर आते समय हिरासत में लिए जाने के बारे में भी जानकारी दी।

विभागों में ताले लगने से ऑनलाइन हुई पढ़ाई

शिक्षकों ने दावा किया कि 24 अक्टूबर से बाहरी लोगों ने राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों पर कब्जा कर ताले लगा दिए हैं। इसके चलते जामिया को दिवाली की छुट्टियों तक कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित करनी पड़ीं। आगे की व्यवस्था पर स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा। शिक्षकों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में पूर्व छात्रों, कलाकारों, वकीलों और अन्य नागरिकों के समूह की संयुक्त प्रेस वार्ता के समय और उद्देश्य पर भी सवाल उठाएं। जामिया ने अपील की है कि बाहरी लोग जामिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें और शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित करने से बचें।

Source: Amar Ujala

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