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हिमाचल: कसौली में अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई पर अधिकारी तलब, रिपोर्ट में देरी पर हाईकोर्ट नाराज
27 Oct 2026, 12:51 am
हिमाचल: कसौली में अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई पर अधिकारी तलब, रिपोर्ट में देरी पर हाईकोर्ट नाराज
Tue, 27 Oct 2026 06:21 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 27 Oct 2026 06:21 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने जिला सोलन के कसौली में एक संपत्ति पर हो रहे कथित अवैध निर्माण और चीड़ के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के मामले में कड़ा रुख अपनाया है।

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला सोलन के कसौली में एक संपत्ति पर हो रहे कथित अवैध निर्माण और चीड़ के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने 26 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान एसडीएम कसौली के ढीले रवैये पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि 28 सितंबर को आदेश पारित होने के बावजूद 16 अक्तूबर 2026 तक मौके का निरीक्षण नहीं किया गया और न ही संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर रखा गया। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि तहसीलदार कसौली, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर परवाणू और खंड विकास अधिकारी धर्मपुर से बार-बार रिपोर्ट मांगकर मामले में अनावश्यक देरी की गई, जबकि निर्माण करने वाले व्यक्ति से सीधे अनुमतियों का सत्यापन किया जा सकता था।

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इन लापरवाही को देखते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को प्रासंगिक रिकॉर्ड के साथ अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को तय की गई है। अदालत ने इस मामले का संज्ञान वरिष्ठ नागरिक की एक ईमेल के आधार पर लिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पास ही स्थित वुडविला संपत्ति पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान जेसीबी और कंक्रीट मिक्सर जैसी भारी मशीनों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर खुदाई की गई, जिससे कई साल पुराने चीड़ के पेड़ काट दिए गए।शि कायतकर्ता ने आशंका जताई थी कि पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने से उनके रिहायशी मकान पर खतरा मंडरा रहा है और वन विभाग से कोई वैध अनुमति भी नहीं ली गई है।
Source: Amar Ujala